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कांग्रेसियों के प्रदर्शन पर लाठी चार्ज, कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने वाटर कैनन प्रयोग किया
इंदौर. बुधवार को राजनीतिक रैलियों को छूट और धार्मिक जुलूसों पर प्रतिबंध के विरोध में कांगे्रस की मौन रैली में हंगामा हो गया. बैरीकेट्स लांघ रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने पहले लाठी चार्ज किया और फिर वाटर कैनन से पानी मारकर उन्हें तितर-बितर किया. इसके बाद जब प्रशासन ने नेताओं को ज्ञापन देने बुलाया, तो उन्होंने अफसरों को गणेश जी की प्रतिमा गिफ्ट की.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस द्वारा राजनीतिक रैलियों को छूट और धार्मिक जुलूसों पर प्रतिबंध को लेकर मौन प्रदर्शन का आज आव्हान किया गया था. इसके लिए सभी कार्यकर्ता सुबह गांधी भवन पर एकत्रित हुए. इनमें से अधिकांश ने काले कपड़े और काले मास्क पहने थे. इसके साथ ही हाथों में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तख्तियां थी. सभी राजबाड़ा से मौन रैली के रूप में कलेक्टोरेट के लिए रवाना हुए. रैली में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल आदि शामिल थे. रैली के कलेक्टोरेट के पास पहुंचते ही कुछ कांग्रेसियों ने अनुशासन तोड़ा और नारेबाजी शुरू कर दी. फिर वे कलेक्टोरेट तक पहुंचे तो ज्ञापन देने के लिए अंदर जाने की मांग करने लगे. इस दौरान कुछ कांग्रेसी उग्र हो गए और बैरिकेड्स लांघकर जाना शुरू किया. कांग्रेसी नहीं माने तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया और फिर वाटर कैनन से तेज बौछारें शुरू कीं, जिससे कांग्रेसी तितर-बितर हो गए.
एडीएम को दिया ज्ञापन
कुछ देर बाद पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को समझाइश दी. पुलिस से कहा कि वे एडीएम को ज्ञापन देना चाहते हैं. एडीएम पवन जैन व राजेश राठौर बाहर आए, तो कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा व साथ में गणेश प्रतिमा भेंट की. कांग्रेसियों ने मांग की कि जब राजनीतिक रैलियों को अनुमति दी जा रही है, तो गोगा नवमी, गणेशोत्सव, जन्माष्टी आयोजन-जुलूस, जन्माष्टी आदि त्योहारों पर निकलने वाले चल समारोहों को भी अनुमति दी जाए. इसके बाद कांग्रेसी लौट गए.
नहीं मिली थी अनुमति, होगी कार्रवाई
मामले में प्रशासन का कहना है कि कांग्रेस ने मौन रैली के लिए आवेदन दिया था, जिसे विचार में रखा गया था. अनुमति नहीं दी गई थी. मौन रैली में सरकारी बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की गई. कलेक्टर ऑफिस में घुसने का प्रयास किया. सरकारी संपत्ति को नुकसान होना पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी. इधर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल का कहना है, हमने प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन नहीं मिली.
कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान 2 विधायकों और कार्यकर्ताओं पर प्रकरण दर्ज
इंदौर. बुधवार सुबह राजवाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक कांग्रेसियों द्वारा राजनीतिक रैलियों को छूट और धार्मिक जुलूस पर प्रतिबंध के विरोध में प्रदर्शन किया गया. मामले में रावजी बाजार थाने में तीनों विधायक सहित 200 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है.
कांग्रेस के 10 कार्यकर्ताओं पर शासकीय कार्य में बाधा में चिंटू चौकसे, रमेश खान, दौलत पटेल, अनवर कादरी, अनवर दस्तक, निखिल वर्मा सहित अन्य 200 पर धारा 353 का मामला दर्ज किया है. वहीं विधायक पर धारा 188 के तहत संजय शुक्ला जीतू पटवारी विशाल पटेल सहित नगर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल सदाशिव यादव देवेंद्र यादव सुजीत चड्ढा व पंकज संघवी पर मामला दर्ज हुआ है. प्रदेश में कोविड-19 चलते किसी भी धार्मिक आयोजन व रैली प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी. विरोध में प्रदर्शन करने गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर वाटर कैनन से पानी मारा गया था. इसके बाद प्रशासन ने नेताओं को ज्ञापन देने बुलाया. कांग्रेस की मौन रैली को प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी. इसलिए इन पर कार्रवाई की गई है.


